The automatic millionaire book summary in hindi

Automatic Millionaire बनने का तरीका | The automatic millionaire book summary in hindi | Dhani Books

Automatic millionaire बनने का तरीका! दोस्तों आपने कही बार सुना ही होगा, जो दीखता है वो बिख्ता वैसे ही दोस्तों हमे जैसा माहौल मिलता है हम भी वैसे ही डल जाते है और दोस्तों हमारे जो सपने होते है वो भी माहौल के according ही होते है और कमाल की बात तो ये है की वो सपने पूरे भी हो जाते है, लेकिन दोस्तों उन सपनो का क्या जो माहोल के according नहीं होते यानी कि अगर किसी को बड़ा बिजनेसमैन, लखपति, क्रोरेडपाती, अरबपति बनना चाहते है तो क्या? और ऊपर से आपको ऐसे माहौल, और लोग भी नहीं मिलते तो उन सपनो को पूरा करना बहुत मुश्किल हो जाता है, लेकिन इसमें एक कमाल की बात ये है की आप उन सपनो को देख ही सकते है |

तो दोस्तों अब आते है मुद्दे पर की इन सपनो को पूरा कैसे किया जाए तो “धनि बुक” आपको दिखता है ऐसे रास्ते, ऐसा माहोल और ऐसे इंट्रेस्टिंग कहानिया, और फैक्ट जो आपको कहेंगे की आप भी एक मिलियनेयर बन सकते है, जी हा……अगर देखा जाये तो हर कोई एक सिंपल स्टेप से millionaire बन सकता है में जिस बुक समरी की बात कर रहा हु उस बुक summary का नाम है “The Automatic Millionaire” जिसे लिखा है “David Bach” ने और इस समरी की बात की जाये तो हर कोई Millionaire बन सकता है यकीन मानिये क्युकी ये सच है ये समरी आपको सिखाएगी कि कैसे 500 रूपीस जैसे छोटी अमाउंट भी आपकी जिंदगी को बदल सकता है |

तो चलिए अब बात करते है “The Automatic Millionaire” बुक समरी की जिसे बनाया है “Dhani Book” ने जहां आप ऐसे ही फाइनेंसियल बुक्स से करोड़ों की नॉलेज फ्री में सीख सकते हैं. even अपने दोस्तों के साथ शेयर भी कर सकते है, दोस्तों कभी-कभी हमारी वीडियो थोड़ी लंबी हो जाती है, क्योंकी मेरी और मेरे टीम की पूरी कोसिस होती है की आपको किसी भी तरह क्वालिटी में compromise न करना पड़े , तो मैं हु भरत आपके साथ इस Millionaire जर्नी में, तो चलिए बिना किसी देरी के समरी स्टार्ट करते है

तो दोस्तों सबसे पहले हम इस Automatic Millionaire बुक समरी में आपको

1 – The Late Factore के बारे में बताएँगे |

2 – आपको ये सिखाया जायेगा की आपको सबसे पहले खुद को कैसे पय करना है |

3 – आपको इसे आटोमेटिक कैसे बनाना है आपको वो सिखाया जायेगा |

अगर आप इस Automatic Millionaire book ki समरी में बताये गए सारे Principle को फॉलो करते है तो आप और आपकी फॅमिली एक बेहतर फ्यूचर का सपना देख सकते है जो जल्द ही हकीकत में बदल जायेगा. तो क्या दोस्तों आप इस बुक समरी के लिए तैयार है तोह चलिए सुरु करते है इस जर्नी को जहाँ पर सबसे पहले हम बात करेंगे |

Meeting The Automatic Millionaire मतलब ये कि इस बुक के ऑथर “David Bach” अपने मीक 20स में थे और वो पहले बार अपने automatic millionaire से मिले, ये तब की बात है जब David एक लोकल Adult एडुकेशन्स प्रोग्राम में इन्वेस्टमेंट की क्लास ले रहे थे, 52 साल के महेश भट एक यूटिलिटी में Middle मैनेजर थे, वो डेविड की क्लास में एक स्टूडेंट थे | एक दिन महेश से डेविड ने पूछा कि क्या वो उनकी वाइफ के साथ एक मीटिंग फिक्स्ड कर सकते है ताकि वो उनसे उनके फाइनेंसियल सिचुएशन के बारे में कुछ डिसकस कर सके, महेश अगले महीने रिटायर होने के बारे में सोच रहे थे, एक ही कंपनी में काम करते हुहे 30 साल हो गए थे और उनकी annual इनकम थी 30 लाख रूपीस |

डेविड को कभी ऐसा लगा ही नहीं कि महेश भट अमीर होंगे, लेकिन फिर उन्हें अपनी दादी से सूनी हुई वो कहावत याद आई “Never jadge a book by it’s cover ” यानि की किसी भी किताब को उसके कवर से जज नहीं करना चाहिए | तो कुछ दिनों के बाद महेश और उनकी वाइफ पूजा भ, डेविड के ऑफिस उनसे मिलने पहुंच गए दोनों एवरेज हार्डवर्किंग American लगते थे महेश ने एक Short स्लीव polo-neck टी-शर्ट पहनी थी जबकि उनकी वाइफ ने बाल में ब्राउन कलर से रंग किया था वो एक beauticean थी और महेश से 2 साल छोटी थी | उन्हें देखकर डेविड को ऐसा लगा जैसे दोनों हाई स्कूल समय के स्वीट huart है |

दोनों टी-नजर के तरह एक दूसरे का हाथ पड़के हुआ थे और काफी जयदा खुश और एक्सिस्टेंड लग रहे थे इससे पहले कि डेविड कुछ कहते, महेश उन्हें अपने प्लान के बारे में बताने लगे की वो रिटायरमेंट के बात क्या-क्या करने वाले है? अब क्यूंकि वो कम उम्र में रिटायर हो रहे थे तो डेविड जानना चाहते थे कि महेश ने क्या सोच कर ये फैसला लिया है? डेविड बोले की गाइस इतना आगे तक जाने की जरुरत नहीं, जयदा तर लोग जिनसे में मिला हु वो अपने early 50 में भी रिटायर होने की नहीं सोच पाते | डेविड की बात सुनकर महेश और पूजा ने एक दूसरे की तरफ देखा… महेश ने कहा की, तो आपको नहीं लगता की हम लोग अमीर है? तो डेविड ने कहा कि यही तो में जानना चाहता हु आप खुद को अमीर कैसे बोल सकते हो..

दोनों ने डेविड को अपने Financial डॉक्यूमेंट दिखा दिए, पहली चीज जो डेविड ने नोटिस की वो ये थी की उनके ऊपर कोई कर्ज नहीं था यानि की “0 Debt” महेश भट कभी कोई उधार लेते ही नहीं थे दोनों के दो बच्चे थे जो collage की पढ़ाई पूरी कर चुके थे, उनके अपने ही दो घर थे एक में वो रहते थे जिसकी वैल्यू थी 3.5 Cr उनका एक दूसरा घर रेंटल प्रॉपर्टी था जिसकी वैल्यू 2.5 Cr थी, डेविड को ये भी पता चला की उन्होंहने अपने दोनों घरो लोन भी पूरा चूका दिया था उनके रिटायरमेंट एकाउंट में महेश के पास 4.5 Cr. और पूजा के पास 54 लाख का बैलेंस था | ये पैसा उनके 401 account में save था यानि individuals account, साथ ही उन्होंहने 2 Cr की Govt Bonds भी ले रखे थे, और दोस्तों इसके साथ उनके सेविंग अकाउंट में 47 लाख Cash पड़ा था | डेविड हेरान दे कुल मिला के महेश भट की Networth 15 Cr के करीब पहुंचती थी, यानि की वो लोग अमीर थे, उन्हें अपने Investment पर interest मिलता था और अपने रेंटल हाउस से हर महीने 20 लाख की कमाई होती थी |

अब डेविड के समज में आया की क्यों महेश जल्दी रिटायर होना चाहते है, डेविड उनसे काफी इम्प्रेस हुए वो उनके वेल्थ प्लानिंग का सेक्रेट जानना चाहते थे | क्या आपको कुछ खानदानी पैसा भी मिला है डेविड ने पूछा ? महेश ने कहा जी नहीं, उन्हें अपने Parent से कोई जायदात नहीं मिली बल्कि उनके पैरेंट से उन्हें मनी मैनेजमेंट की knowledge दी थी डेविड ने कहा आपको पता है हर हफ्ते में आप जैसे कई लोगो से मिलता हु जो मेरी क्लास में आते है, ऊपर से वो लोग अमीर लगते है पर उनमें से जयदा तर लोग गरीब होते है? उनमें से एक आदमी तो नई ब्रांड Pose लक्ज़री कार लेके आता है और रोलेक्स की घड़ी पहनता है उसके डाट-बाठ देखकर डेविड को लगा की वो काफी अमीर होगा पर जब उनोहने उनकी फाइनेंसियल स्टेटमेंट देखि तो पता चला की उस आदमी को अपने 7.5 Cr वाले घर का 6 Cr का लोन पे करना था और उस पर 56 लाख क्रेडिट कार्ड का उद्धार भी था. वो जो लक्ज़री गाड़ी चलाता था उसने लिश पर ले रखी थी ऊपर से उसे अपनी 2 x बीवियो को पैसा भी देना पड़ता था और उसके सेविंग अकाउंट में 75 लाख से कम पैसा पड़े थे…

फिर आते है महेश और पूजा भट जैसे लोग जो छोटी गाड़ी चलाते थे और महेश आज भी अपनी 18 साल पुरानी घडी पहनते है दोनों अपने शादी-सुधा लाइफ से खुश थे और उनके बच्चे भी successful थे कुल मिलाके उनके लाइफ में कोई टेंशन स्ट्रेस नहीं था | इसलिए महेश और पूजा जल्दी ही रिटायर लेने के बारे में सोच रहे थे आखिर आपका सेक्रेट क्या है, डेविड ने पूछ ही लिया? तो कपल ने कहा कि डेविड पहले से जानते है की सेक्रेट क्या है? और हर रोज ये सेक्रेट अपनी क्लास में पढ़ाते भी है तो दोस्तो पहला जो स्टेप वो ये है की पहले को खुद Pay करो यानि की सबसे पहले खुद के फ्यूचर के लिए पैसा इन्वेस्ट करो जैसे ही आपको सैलरी मिले उसमे से कुछ परसेंटेज अपने 401 वाले अकाउंट और बाकियों में इन्वेस्ट कर लो…..

सेकंड स्टेप आता है अपने cafe-Laate पर नजर रखो, जो छोटे-छोटे खर्चे आप रोज करते हो उसमे आपका काफी पैसा खर्च होता है, इससे बेहतर है की आप उन पैसा को बचाए और कही इन्वेस्ट करदो, अगर आप रोज 350 cafe-laate पर खर्च करते हो तो पुरे महीने का 10,500 और साल क 1,26,000 होता है अब दोस्तों खुद शायद बोले कि मुझसे तो सेविंग बिलकुल नहीं होगी, मगर आप दोस्तों रोज 350 वाली cafe-laate पीना छोड़ देते है तो आप महिने का 10,500 और साल का 1, 26,000 बचा सकते है, अब आप इन पैसा को कही भी Easly इन्वेस्ट कर सकते हो…

इसके बाद 3 स्टेप आता है इसे आटोमेटिक बना लीजिए इसके लिए आप विलपॉवर या self discipline की जरुरत नहीं है इसका सेक्रेट है की ये आटोमेटिक सेविंग है कुछ ऐसा अरेंजमेंट कर दीजिये की हर महीने एक फिक्स्ड amount आटोमेटिक आपकी इन्वेस्टमेंट अकाउंट में चला जाए इसे पहले की आपको बाकी चीजों पर pay करना पड़े आपकी इन्वेस्टमेंट का पैसा पहले से कट चुका होगा आपको सिर्फ पहले एक बार आटोमेटिक सेविंग ऑप्शन सेट करना है फिर अगले month से खुद आटोमेटिक आपका पैसा इंवेटमेंट अकाउंट में चला जायेगा.. विलपॉवर और डिसिप्लिन का human नेचर के हमेशा खिलाफ रहा है लेकिन अगर आप सेविंग आटोमेटिक कर दी है तो आपके पैसा फालतू खर्च नहीं हो पाएंगे इस तरह आप खुद को पहले pay कर पाएंगे किसी भी टैक्स या बिल को पय करने से पहले आप की सैलरी आपके 401 या individual Retairement अकाउंट में जा चुकी होगी | अगर आप चाहे तो आप स्टॉक मार्किट, म्यूच्यूअल फण्ड, या इंडेक्स फंड में भी इन्वेस्ट कर सकते है जरुरी ये है की आप इसे आटोमेटिक मोड में सेट कर दीजिये क्यूंकि यही तरीका है एक आटोमेटिक मिलियनेयर बनने का तो चलिये दोस्तों इसे Detailes में समजते है सबसे पहले बात करेंगे…..

1) The Late Factore ke baare

the late factor

The Late Factore ke baare में दोस्तों जयदा तर लोग सोचते है की अमीर बनने का सेक्रेट है, जल्द-से-जल्द पैसे कमाने के मल्टीप्ल तरीके ढूढ़ना, दोस्तो अकसर लोग कहते है, की अगर में जयदा पैसा कमा पता तो में अमीर होता you no adani, अम्बानी रियली……..दोस्तों genuine कमेंट करके बताना आप लोगो ने ये बात कितने लोगो से सुनी होगी? लेकिन आप उस आदमी से पूछ लीजिये जिसे लास्ट इयर ही अपने जॉब में 15% इन्क्रीमेंट मिला है क्या वो जयदा पैसा बचा पा रहा है आपको जवाब शायद ना ही मिले क्युकी? दोस्तों सच्चाई ये है की जितना हम कमाते है उस हिसाब से हमारे खर्चे भी बढ़ जाते है लेकिन अगर देखा जाए तो actual में ऐसा होना नहीं चाहिए?

दोस्तों automatic millionaire बनने के लिए जरुरी नहीं है की आपकी अच्छी सैलरी हो, चाहे आप महिने का 10,000 कमा रहे हो या 1 लाख इम्पोर्टेन्ट है की आप कितना पैसा सेव कर पाते है महेश भट ने भी सेविंग एक बेसिक सैलरी से ही शुरुवात की थी, लेकिन महेस कहते है की ट्रिक ये है की आप अपनी छोटे-छोटे खर्चो पर ध्यान दीजिये और दोस्तों कही बार छोटे-छोटे खरचे में हम अपना फ़िज़ूल पैसा खर्च कर देते है…दोस्तों एक इंट्रेस्टिंग पॉइंट तो ये है की हर Employee Same लाइफ जीता है, वो काम पर जाता है पैसा कमाते है खर्च करता है, फिर वो काम पर जाता है, पैसा कमाता है और फोर वो खर्च कर देता है, जायदा तर employee हफ्ते में 50 घटे काम करते है, फिर भी उनकी सेविंग 0 bta 0 ही होती है | लेकिन दोस्तो कब तक ऐसा चलेगा अब बस, इस साइकिल को तोड़ना ही होगा ताकि हम खुद को फ्यूचर में गरीब होने से बचा सके लेकिन कैसे ? तो चलिए में आपको एक इंटरेस्टिंग स्टोरी सुनाता हु?

डेविड का एक दोस्त था भावेश जिसे अपनी कंपनी में प्रमोशन मिलती गई और उसकी सैलरी 25000 से बढ़कर 1,25000 तक हो गई, लेकिन भावेश की सैलरी बढ़ने के साथ- साथ उसके खरचे भी बढ़ते गए, भावेश अच्छे कपडे खरीदने के लिए मॉल में शॉपिंग करता था, और लक्ज़री गाड़ियों में घूमता था और उसे अच्छी रेस्टोरेंट्स में खाना खाना बहुत अछ्हा लगता था और अपने vactions पर भी खूब सारा खर्च करता था लेकिन saving के नाम पर भावेश के पास कुछ भी नहीं बचता था? इतनी अच्छी सैलरी होने के बावजूद उसे फाइनेंसियल स्ट्रेस रहता था. जब दोस्तों भावेश की सैलरी कम थी तब वो ज्यादा खुश रहता लेकिन ऐसा क्यों हुआ, क्युकी भवेश को अपनी high-five lifestyle maintain करने के लिए खूब सारा पैसा खर्चा करना पड़ता था |

उसके बच्चे प्राइवेट स्कूल में पढ़ते थे जिसके लिए उसे जयदा फीस pay करनी पड़ती थी साथ ही उसने अपने बच्चो के लिए नैनी भी रखी हुए थी, और एक बड़ा घर ले रखा था, जिसे खरीदने के लिए इसने बैंक से बड़ा लोन लिया था, भावेश को अभी सिंपल लाइफस्टाइल की आदत नहीं रही | इसीलिए वो अब एक मुकाबले में फस चूका था, और दोस्तो ऊपर भावेश के पास सेविंग के नाम पर 0 bta 0 था….अब चलिए अभी डिसकस करते है कि डेविड ने late factore कैसे क्रिएट किया | एक बार उनके पास इन्वेस्टमेंट कोर्स में एक स्टूडेंट आई, उस लड़की का नाम था दीपीका उसने क्लास में डेविड से एक क्वेश्चन किया, की डेविड आपके आइडियाज theory में तो अच्छी है पर इन्हें प्रैक्टिकल लाइफ में apply नहीं किया जा सकता | डेविड ने कहा इसका क्या मतलब है तो तुम ये ऐसे कैसे बोल सकते हो तब दीपिका ने कहा में एक एम्प्लोयी हु महीने की सैलरी पर गुजारा करती हु. बल्कि मेरे खरचे बड़ी मुश्किल से पुरे हो पाते है, तो में भला कैसे रोज के 350 रूपीस सेव कर सकती हु, ये तो पॉसिबल ही नहीं है? क्लास में हर कोई इनकी बात से सहमत था, तभी डेविड ने सबको एक डेमो दिया |

उन्होंहने एक चोक उठाया और एक ब्लैक बोर्ड के पास गए, डेविड ने दीपिका की तरफ देखते हुआ कहा की तुम्हारे जो भी छोटे-मोठे रोज के खर्चे तुम मुझे एक – एक करके बताओ, दीपिका ने कहा की में रोज ऑफिस जाते हुए कैफ़े कॉफ़ी डे से एक cafe-late लेती हु, बिना इसके मेरा दिन शुरू ही नहीं होता, cafe-late उसे 135 रूपीस की पड़ती है, दीपिका cafe-late के साथ एक गार्लिक ब्रेड और Munch-On Nachos भी लेती है जो उसे 215 रूपीस का पड़ता है, यानि रोज का टोटल खर्च हुआ 350 रूपीस, फिर 10 बजे जब दीपिका और उसके फ्रेंड का ब्रेक हो होता है तब दोनों जूस स्टाल पर जाते है दीपिका अपना favorite जूस लेते है जिसकी कीमत होती है 300 रूपीस साथ ही वो बूस्ट के लिए भी बोलती है, जिनको बेलोवा का Dose जो जूस वाला उसके जूस में ऐड करता है जो उसे पड़ता है 35 रूपीस का फिर दीपिका एक पावर बार के लिए भी बोलती है जो उसे पड़ता है 120 रूपीस का..

दीपिका अपने खर्ची बताते जा रही थी और डेविड उन खर्चो को ब्लैक बोर्ड पर लिखते जा रहे थे, तो दीपिका रोज के टोटल 805 रूपीस खर्च करती है, वो भी दोपरह के लंच के पहले, दोस्तों यही था दीपिका का late factore, अगर दीपिका अपने छोटे -छोटे खरचे पर लगाम रखती तो वो आसानी से पैसा सेव कर पाती, और उसे अपने रिटायरमेंट के लिए इन्वेस्ट कर पाती, जैसे 350 रूपीस रोज के हिसाब से 1 साल का 1,26,000 रूपए होता है, आम तौर पर देखे तो स्टॉक मार्किट एवरेज सालाना 12% के रेतुर्न देता है, यानि की दीपिका ये पैसा बचाये और avery month इन्वेस्ट करे तो 30 साल के बाद उसके अकाउंट में करीब 3.5 cr के आस पास पैसे होंगे |

अगर हर साल दीपिका आटोमेटिक contributions करे और इसके coumpounding साल में 12% Return मिले तो दीपिका 60 साल की होने पर उसके अकाउंट में 3,70,64,095 होंगे, दीपिका समझ चुकी थी, उसकी cafe-late की हैबिट उसे करीब 3,15,000 aas-पास पड़ रही है, दोस्तों कम्पाउंडिंग का कांसेप्ट बड़ा पॉवरफुल है, Albert eintaise ने कहा था की कम्पाउंडिंग दुनिया 8वा अजूबा है. अगर आप अपनी annuall सैलरी का 10% भी सेव कर पाए और इस पैसे को अगले 4 या 5 साल के लिए invest करते रहे तो कोई शक नहीं कि आप फ्यूचर एक millionaire होंगे दोस्तो ये कोई इम्पॉसिबल चीजे नहीं है आप रोज के 350 नहीं तो 50 रूपीस से भी स्टार्ट कर सकते है but इम्पोर्टेन्ट इस that की स्टार्ट Now……तो दोस्तों ये है आपका late factore…..

हा..हा..हा. अभी कई सारे लोग कहेंगे की हम तो कॉफ़ी पीते ही नहीं, तो दोस्तों कॉफ़ी एक Example था, आप चाहे segreat, candy, juice, pizaa या फ़ास्ट फ़ूड किसी भी चीज पर पैसे खर्च करते हो, वो पैसा बचा सकते हो इवन आप उस पैसे को इनवेस्ट कर सकते हो. तो दोस्तों आप भी ऐसे कोई छोटे से हैबिट को सोचिये जिस पर आप रोज खर्च करते हो यही आपका Late फैक्टर है और यही हैबिट आपको छोड़नी है, तो दोस्तो Late फैक्टर को समझाने के बाद हम बात करते है |

2) LEARN TO PAY YOUR SELF FIRST

pay yourself first

LEARN TO PAY YOUR SELF FIRST अब दोस्तों आपके माइंड में आ रहा होगा की अब ये कैसे करना है? तो चलिए इसे भी एक इंटरेस्टिंग तरीके से समझते है…The late factore आपको ये आईडिया देगा की, आप आज से ही वेल्थ बिल्ड करने की शुरुवात कर सकते है दोस्तों आपने इतना तो कमा ही लिया है जिससे आप सेविंग और इंवेस्टिंग कर सको और इसके ही साथ आपको ये भी मालूम हो गया है की अमीर बनने के लिए क्या-क्या करना होगा | अगली गलत फेमी जिसके बारे में हम बात करेंगे वह है budget बनाना यानि की budgeting, दोस्तो बहुत से लोग सोचते है की budget बनाना Effective यानि कि काम का होता है |

लेकिन wait दोस्तों आज तक आपको ऐसा कोई persion मिला है जो budget बनाके अमीर बना हो, अगर ऐसा होता तो आज अपने इंडिया में सभी लोग सिर्फ बजट बनके आमिर बन गए होते. राइट दोस्तों, अब बात करते है की Budgeting क्यों काम नहीं करती? इसके पीछे एक सिंपल सा रीज़न है और वो ये है की Budgeting कोई मजाक नहीं है. Budget बनाने का मतलब है future के लिए पैसा बनाने के चक्र में मन मारके जीना और डाइटिंग की तरह ही budget में भी कुछ कमियां है, अक्सर जो लोग Budget से जीते है वो लोग मन को मारकर जीते है और फिर दोस्तों एक दिन निराश होकर टूट जाते है और फिर दुनिया भर की शॉपिंग करके ही इन्हें चैन मिलता है |

इसलिए डेविड हमे एक मेथड बताते हुए कहते है, की पहले खुद को Pay करना सीखो ये दोस्तो बहुत ही सिंपल और बेसिक Concept है अक्सर दोस्तों हम क्या करते है जैसे ही हमे सैलरी मिलती है उसे हम दुसरो को पेमेंट करना सुरु कर देते है जैसे Lightbill, Room Rent, Tax Pay करना बच्चों के स्कूल और tuition के फीस, क्रेडिट कार्ड बिल, फ़ोन के बिल वगेरा-वगेरा दोस्तो हम अपना Budget तैयार करते है क्युकी सबको पेमेंट कर सके फिर जो थोड़ा कुछ बचता है वो सेविंग के लिए रख लेते है, दोस्तो ये सब कुछ कई टाइम से चलता आ रहा है, ये बहुत ही पुराना और घिसा-पीटा मेथड है दोस्तों सबको पेमेंट करने के बाद हमारे पास कुछ भी नहीं बचता है सेविंग के नाम पर |

दोस्तों अमेरिका में हर एक डॉलर जो कमाया जाता है उसमे से 27 sent ऑटोमेटिकली Federal income with होल्डिंग टैक्स में जमा हो जाता है फिर स्टेट के हिसाब से हर अमेरिकन स्टेट में इनकम टैक्स के लिए 5 sent or pay करते है, उसके बाद आता है Social सिक्योरिटी टैक्स और मेडिकेयर इस तरह आपके हर एक 1 डॉलर में से 40 sent सीधा Govt के पास चला जाता है, यानि आपकी सैलरी का सिर्फ 60% हिसा आपके पास रहता है | इसलिए कभी भी टैक्स पहले जमा मत करो पहले खुद को Pay करो अब यहाँ पर पहले खुद को Pay करना का मतलब है पहले अपने लिए पैसा सेव करना फिर दूसरों को दे देना | दोस्तो ये जो पैसा आज आप सेव या इन्वेस्ट कर रहे हो यही फ्यूचर में कल आपको काम आएगा |

आप एक Pretax retairement अकाउंट क्रिएट कर सकते है, जैसे 401 ki और IRA या Individuals Retairement अकाउंट इसे ऐसे arrange करो की कोई भी टैक्स कटने से पहले आपके retairement का पैसा अकाउंट में सेव हो जाए, अब आप किसलिये काम करते हो अपने लिए या अपने फ़मिलये के लिए या फिर क्रेडिट कार्ड कंपनी के लिए? या बैंक और टेलीफोन कंपनी को Pay करने के लिए आपकी सैलरी से कितना tax कटा है आप कितना बिल भरते है टोटल कितना सेविंग कर पाते हो… आपको शायद अहसास होगा कि जयदा टाइम और एनर्जी सिर्फ और सिर्फ खर्चे pay करने में चले जाते है दोस्तो आप जो कुछ भी कमाते है उसका जायदा तर हिसा आपके फॅमिली, आपके रिटायरमेंट प्लान या अच्छी फ्यूचर के लिए सेव नहीं होता बल्कि बिल भरने में चला जाता है इसलिए दोस्तों आज से खुद को पहले पय करना सुरु कर दिजिये एक Pretax retairement अकाउंट ओपन कर दीजिये उसमे अपनी इनकम का 10% हर महीने सेव करो.

और अपना monthly या Yearly कंट्रीब्यूशन आटोमेटिक कर दो, उसे एक बार सेट करके छोड़ दीजिये फिर ये खुद-ब-खुद सेविंग करता रहेगा हर महीने आपकी income से 10% आपके रिटायरमेंट एकाउंट में चले जायेंगे… मान लो कि आपकी annuall इनकम 7,20,000 है… यानि की एक महीने में 60000 है. इसका मतलब है की आपको दिन के 200 सेव करने चाहिए. अगर आप 35 सालो तक रिटायरमेंट एकाउंट में इंवेस्ट करते रहे तो आपको 12% annuall रेतुर्न मिलेगा आप जानते है ये रकम कितनी बनती है. 3 करोड 86 लाख रूपए यानि की 4 Cr के आस-पास पैसा होगा… तो है ना दोस्तों एक कमाल की बात, तो दोस्तो अपने ऊपर pay करके देखिये |

3) Now Make it Automatic

make it automatic

तो दोस्तों इतना काम कर लेने के बाद अब बारी आती है Now Make it Automatic अब इसे कैसे करना है. तो चलिए इसे भी समझ लेते है. आपको न यहाँ पर अलग से budget बनाने की जरुरत नहीं है आपको discipline फॉलो करने की भी जरुरत नहीं है, सेविंग को आटोमेटिक बना लीजिये ताकि वो सीधा आपके इन्वेस्टमेंट अकाउंट में चला जाये | बस आपको उसे एक बार सेट करना होगा उसके बाद हर महीने आपके रिटायरमेंट एकाउंट या इंडेक्स फंड में हर महीने पैसा जमा होते रहेगा |

क्युकी महेश और पूजा ने भी 30 साल तक यही किया उन्होंने Pay Your First Self सिस्टम बनाया जो ऑटोमेटिकली इनकी इनकम का 50% investment कर देता था | असल में उन्होंने सुरुवात 4% सेविंग से की थी ये रकम बढ़कर 5% फिर 7% 10% और फिर 15% तक हो गई इन दोनो को हर महीने कोई cheque नहीं देना पड़ता था और नहीं उन्हें टाइम discipline budgeting की जरुरत पड़ी क्युकी उनका आटोमेटिक सिस्टम खुद काम कर रहा था और उनका पैसा सही जगह इन्वेस्ट होता रहा खुद डेविड ने कम अकाउंट से सेविंग शुरू की थी वो जब 25 साल के थे तो उन्होंने अपनी सैलरी से 1% सेव करना सुरु किया था |

upstox account

और 3 महीनो के बाद इस पैसे को उन्होने 3% कर दिया. फिर जब महेश भट से मिले तब जाकर डेविड को ये अहसास हुआ और वो खुद से बोले बस बहुत हो चूका में जवानी के दिनों से ही सेविंग शुरू कर दूंगा ताकि बुढ़ापे तक अमीर हो जाओ फिर उन्होंने सेविंग इन्वेस्टमेंट 10% और फिर उसे 15% किया और फिर 20% अब डेविड एक सुपर Saver बन चुके थे वो सब कुछ Adjust कर पा रहे थे | उन्हें लगने लगा की वो एक सिंपल लाइफ स्टाइल अपना-कर एक रिटायरमेंट के लिए और जायदा पैसा सेव कर सकते है वो खुद पर हैरान थे कि कैसे वो कम पैसे में भी गुजारा कर सकते है |

लेकिन डेविड कहते है की अगर एक बार आपको आदद पड़ गई तो कोई भी प्रॉब्लम नहीं होती आप अपने फालतू के खरचे कंट्रोल कर सकते है सेविंग को आटोमेटिक बनाने का Key आईडिया ये है की जो आपके पास है ही नहीं उसे आप खर्च नहीं कर सकते यानि की अगर पैसा वॉलेट में रहेगा ही नहीं तो खर्च भी नहीं होगा. अब क्युकी आपने सबसे पहले खुद को Pay किया है और अपने फ्यूचर के लिए इन्वेस्ट कर लिया तो आपका पैसा फालतू चीज़े में खर्च भी नहीं होगा है ना तो अगर आप stress फ्री सपने देख रहे है तो अपनी कंपनी, Govt, फॅमिली पर Depend न रहे क्यूंकि ये जिम्मेदारी सिर्फ आपके ही ऊपर है, सिर्फ आप ही अपना फ्यूचर सिक्योर्ड कर सकते है |

तो अब आहिये जानते है की हम कैसे Persional Account को Fund करे और उसे आटोमेटिक कैसे बनाये, अगर आपका कोई रिटायरमेंट एकाउंट खुला है तो उसे Open कर दो अमेरिका में सबसे कॉमन रिटायरमेंट एकाउंट को 401 K कहा जाता है ये वो अकाउंट है जिसमे आपकी कंपनी हर महीने अपनी तरफ से कुछ पैसा कंट्रिब्यूट करती है, जिसमे आपको अपने investment पर साल का 10% Return मिलता है जब आप इस अकाउंट को आटोमेटिक करेंगे तो साल-दर-साल आपका पैसा कंपाउंड होता चला जायेगा और रिटायरमेंट तक आप एक Millionaire बन चुके होंगे लेकिन होता क्या है कि जायदा तर Employee सोचते है की कंपनियों ने जॉब पर रखने के बाद अपने आप ही रिटायरमेंट प्लान में डाल देगी लेकिन इस भरोसे कभी न रहे अपनी जिम्मेदारी खुद लीजिये अपने ऑफिस के human resource यानि HR Departement में जाहिए और उनसे रिटायरमेंट प्लान के बारे में पता कीजिये |

ऐसा Arrenagement कर लो कि टैक्स का पैसा जाने से पहले आपका पैसा आपके अकाउंट में चला जाए और साथ ही फिक्स्ड Percentage सेट कर लीजिये | अगर आपकी कंपनी आपको रिटायरमेंट प्लान या 401 K ऑफर नहीं करती तो आप एक individuals Retirement अकाउंट या IRA क्रिएट कर सकते हो इसके लिए आप किसी भी बैंक में अप्लाई कर सकते हो या किसी brokarge Firm में जाकर पता कर सकते हो या फिर online भी फॉर्म सबमिट कर सकते हो अपने Individuals Retirement अकाउंट में आटोमेटिक इन्वेस्टमेंट Pay करने के 3 तरीके है |

पहले है Payroll Deducation के जरिये यहाँ पर आपकी कंपनी आपके सैलरी का कुछ Percentage हिसा cut कर आपके Individuals रिटायरमेंट एकाउंट में डाल देगी, दूसरा तरीका है आपके चेकिंग अकाउंट से Deductions आपकी कंपनी यहाँ पर पैसा आपके चेकिंग अकाउंट में जमा करा देगी फिर आपके बैंक या ब्रोकर वो पैसा आपके रिटायरमेंट एकाउंट में ट्रांसफर कर सकता है अब आता है 3 तरीका जो है ऑनलाइन बैंकिंग इसमें आप मंथली बिल पेमेंट की तरह ही मंथली कंट्रिब्यूशंस सेट कर सकते है. आपका बैंक आपके पैसे को रिटायरमेंट एकाउंट में डाल देगा. अब जितना जायदा परसेंटेज आपके रिटायरमेंट एकाउंट में जाए उतना जयदा अछ्छा होगा.

खुद को चैलेंज कीजिये और कोसिस कीजिये की जायदा से जायदा चीजों में कटौती कर पाए | अगर आप 10% 12% ya 15% तक भी सेविंग कर पाये तो सोचिये कि आपका रिटायरमेंट कितना खुश-हाल होगा तो जो ये compound interest है ये बड़ी ही कमाल की चीज होती है. ये हमेशा याद रखियेगा इसलिए अभी से सेव करना शुरू कर दो क्युकी आप जितना जल्दी आप शुरू करोगे interest उतना ही जयदा बढ़ता जायेगा | दोस्तों आप उन जैसे मत बनिए जो कहते है की में अपनी इनकम से 5% सेव नहीं कर सकता या मेरी कंपनी इतना कंट्रीब्यूट ही नहीं करती तो फिर मेरे इतने सेव करने से क्या होगा या स्टॉक में इन्वेस्ट करना तो बड़ी बेवकूफी है. या अगले महीने से सेविंग करना शुरू करूँगा |

अगर दोस्तों आपके भी कुछ ऐसे ही बहाना है न तो आप यकीन मानिए आप कभी भी automatic millionare नहीं बन पाएंगे. इसके बजाय आप खुद को बोलिये चाहे कुछ भी हो जाए पहले में कुढ़ को पय करूँगा | में अपनी इनकम का 10% सेव करूँगा और फिर इस अमाउंट को जितना हो सके उतना बड़ा था जाऊँगा | कल के लिए सेव करना का सबसे अछ्छा वक़्त होता है इसकी शुरूवात आज यानि कि अभी से कर देना |

Conclusion of Automatic Millionaire Book

तो दोस्तों अब बात करते है conclusion की तो इस समरी में आपने automatic millionaire यानि महेस, पूजा भट की कहानी के बारे में जाना. कैसे उनकी तरह automatic millionaire बनने के लिए आपको 3 क्लियर स्टेप को समझना होगा. सबसे पहले तो अपने Late Factore के बारे में जाने, ऐसे कोन-सी आपकी छोटी हैबिट है या ऐसा कोनसा छोटा खर्चा है. जो आपके Daily Routing में सामिल है इस हैबिट को आज ही छोड़ दीजिये और जो पैसा खर्च करते हो उसे Retairement अकाउंट में जमा करना शुरु कर दो |

दूसरी चीज पहले खुद को Pay करो फिर दूसरों को Pay करना, अपनी इनकम का कुछ हिसा अपने इन्वेस्टमेंट अकाउंट में डालना शुरू कर दो. govt टैक्स क्रेडिट कार्ड या टेलीफोन कंपनी को बिल पे करने से पहले खुद के फ्यूचर के लिए कुछ पैसा बचाइए. और 3 चीज है अपनी सेविंग को automatic बना लीजिये एक बार में ही ऐसा अर्रेंजमेंट कर लो कि अगली बार जब आपकी सैलरी आई तो उसमे से कुछ पैसा सीधे आपके रिटायरमेंट एकाउंट में आटोमेटिक जमा हो जाए अगर आपने ये सेटिंग कर ली है…

इसके बाद आपको अलग से बजट बनाने की या खुद को Discipline करने की जरुरत नहीं पड़ेगी क्यूंकि अगर दोस्तों पैसा वॉलेट में होगा ही नहीं तो आप खर्च कहा से करेंगे. तो दोस्तों अब आप इसे अगर समझ ही गए है की एक आटोमेटिक मिलियनेयर बनाने के लिए हमें क्या करना है. तो बस अब कम्पाउंडिंग इंट्रेस्ट को अपना काम करने दो. रोज 350 रूपीस नहीं तो 50 रूपीस सेव करना शुरू कर दो, खुद को पहले Pay करो, और सेविंग को आटोमेटिक मोड में डाल दीजिये आपको बस इतना ही करना है क्यूंकि इसके बाद तो आप आराम से बैठकर एक स्ट्रेस फ्री और खुशाल रिटायरमेंट लाइफ जियेंगे |

तो दोस्तों इस के साथ ये समरी यही पर कम्पलीट होती है, लेकिन हमें आज से ही जो है सिंपल 3 स्टेप उठाने है जो हमने इस समरी से सीखा है, क्युकी इस समरी की जर्नी तो यही पर खत्म होती है लेकिन हमारी जर्नी यही से शुरु होती है….तो दोस्तों इस समरी से आपने क्या सिखा कोनसी स्टोरी ने आपको inspried किया और End of This Video ये समरी आपको कैसे लगी कमेंट करके जरुर बताना. और Next कोन-सी book summary सुनना चाहते है उसका नाम कमेंट में जरुर लिख कर बताना |

साथ ही साथ अपना ढेर सारा प्यार हमे हमेशा की तरह देते रहिये… और अपना और अपनी Family का Dhayn रखिये, और अगर ये समरी आपको अच्छी लगे Then आप इसे अपने दोस्तों और Family के साथ जरूर शेयर किजिगा..तो फिर मिलते है Next बुक समरी में तब तक के लिए है जय हिन्द….

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